महाकुंभ में “शाही स्नान” शब्द प्राचीन नहीं है। इसको बदलना चाहिए अमृत स्नान,महास्नान, महायोग स्नान
यह शब्द बाद के काल में प्रचलन में आया। उससे पहले अलग-अलग शब्द प्रयोग होते थे।
पहले कौन-से शब्द प्रचलित थे?
प्राचीन भारतीय परंपरा और ग्रंथों में मुख्यतः ये शब्द मिलते हैं—
पर्व-स्नान
अमावस्या, पूर्णिमा, मकर संक्रांति जैसे विशेष तिथियों पर किया गया स्नान।
यही सबसे प्राचीन और मूल शब्द माना जाता है।
महास्नान अत्यंत पुण्यदायी, सामूहिक और विशेष स्नान के लिए।
राजयोगी स्नान / योगी-स्नान
जब राजा, साधु-संत और अखाड़ों के योगी एक साथ स्नान करते थे, तब यह भाव व्यक्त करने के लिए प्रयोग होता था।
(यह “शाही” से पहले का सांस्कृतिक शब्द माना जाता है)
“शाही स्नान” शब्द कब आया? मुगल काल में फ़ारसी शब्द “शाह” (राजा) से
जब अखाड़ों को राजाओं का संरक्षण मिला
तब “राजयोगी स्नान” की जगह धीरे-धीरे “शाही स्नान” प्रचलित हो गया।
अब यह शब्द बदलकर “अमृत स्नान” शब्द अपनाना चाहिए
शाही स्नान से पहले— पर्व-स्नान / महास्नान / राजयोगी स्नान
आधुनिक व शास्त्रीय रूप — अमृत स्नान
#अमृतस्नान #महास्नान अपनी संस्कृति अपनी विरासत
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