Sunday, January 29, 2023

वेद

 वैदिक संहिताओं के अनन्तर वेद के तीन प्रकार के ग्रन्थ हैं- ब्राह्राण, आरण्यक और उपनिषद। इन ग्रन्थों का सीधा सम्बन्ध अपने वेद से होता है, जैसे ऋग्वेद के ब्राह्राण, ऋग्वेद के आरण्यक और ऋग्वेद के उपनिषदों के साथ ऋग्वेद का संहिता ग्रन्थ मिलकर भारतीय परम्परा के अनुसार 'ऋग्वेद' कहलाता है।

किसी उपनिषद का सम्बन्ध किस वेद से है, इस आधार पर उपनिषदों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जाता है-

(१) ऋग्वेदीय -- १० उपनिषद्

(२) शुक्ल यजुर्वेदीय -- १९ उपनिषद्

(३) कृष्ण यजुर्वेदीय -- ३२ उपनिषद्

(४) सामवेदीय -- १६ उपनिषद्

(५) अथर्ववेदीय -- ३१ उपनिषद्

कुल -- १०८ उपनिषद्

इनके अतिरिक्त नारायण, नृसिंह, रामतापनी तथा गोपाल चार उपनिषद् और हैं।

 

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