Wednesday, December 31, 2025

UGC NET – IKS (Code 103) Topic–1 : Indian Knowledge Systems –

 

UGC NET – IKS (Code 103)

Topic–1 : Indian Knowledge Systems – 

1. Indian Knowledge Systems (IKS) की परिभाषा

Indian Knowledge Systems (IKS) भारत की वह प्राचीन, सतत एवं समग्र ज्ञान परंपरा है, जो वेदों से आरम्भ होकर उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद, गणित, खगोल, कला, राजनीति, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन के माध्यम से विकसित हुई।
IKS केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि अनुभव, आचरण और जीवन-दर्शन से जुड़ी हुई ज्ञान प्रणाली है।

परीक्षा हेतु मुख्य वाक्य:
IKS is a holistic, experiential and value-based knowledge tradition of India.


2. IKS की प्रमुख विशेषताएँ

  1. समग्र दृष्टिकोण (Holistic Approach)
    IKS शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को एक साथ देखता है। इसमें ज्ञान को खंडों में नहीं बाँटा जाता, बल्कि जीवन के पूर्ण संदर्भ में समझा जाता है।

  2. अनुभव आधारित ज्ञान
    IKS में ज्ञान केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि श्रवण, मनन और निदिध्यासन से प्राप्त होता है। योग, ध्यान और आयुर्वेद इसके उदाहरण हैं।

  3. प्रकृति-केंद्रित दृष्टि
    IKS में प्रकृति को माता के रूप में देखा गया है। पंचमहाभूत, ऋत और यज्ञ की अवधारणाएँ प्रकृति के साथ सामंजस्य को दर्शाती हैं।

  4. मूल्य और नैतिकता आधारित
    IKS का लक्ष्य केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि सदाचार, कर्तव्यबोध और लोककल्याण है।


3. IKS के प्रमुख स्रोत

(क) वेद

वेद भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल स्रोत हैं और श्रुति कहलाते हैं।
ऋग्वेद – देवता और प्रकृति
यजुर्वेद – कर्म और यज्ञ
सामवेद – संगीत
अथर्ववेद – चिकित्सा और समाज

(ख) उपनिषद

उपनिषद आत्मा, ब्रह्म और मोक्ष की चर्चा करते हैं।
महावाक्य – तत् त्वम् असि, अहं ब्रह्मास्मि

(ग) वेदांग (संख्या 6)

शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष

(घ) उपवेद

आयुर्वेद, धनुर्वेद, गान्धर्ववेद, स्थापत्यवेद


4. IKS में ज्ञान की अवधारणा

IKS में ज्ञान का उद्देश्य आत्मबोध और समाज का कल्याण है।
मुंडकोपनिषद के अनुसार ज्ञान दो प्रकार का है–
परा विद्या (आध्यात्मिक ज्ञान)
अपरा विद्या (भौतिक एवं लौकिक ज्ञान)


5. IKS का दार्शनिक आधार

भारतीय दर्शन के छह प्रमुख दर्शन IKS का आधार हैं–
न्याय – तर्क
वैशेषिक – पदार्थ
सांख्य – पुरुष और प्रकृति
योग – चित्तवृत्ति निरोध
पूर्वमीमांसा – कर्म
वेदांत – ब्रह्मज्ञान


6. IKS और पाश्चात्य ज्ञान प्रणाली का अंतर

IKS समग्र, अनुभव आधारित, मूल्यपरक और प्रकृति-मैत्री है, जबकि पाश्चात्य ज्ञान प्रणाली अधिक विश्लेषणात्मक, भौतिक और उपयोगितावादी मानी जाती है।
NET परीक्षा में इस तुलना से प्रश्न पूछे जाते हैं।


7. IKS के उद्देश्य

IKS का उद्देश्य आत्मविकास, सामाजिक कल्याण, प्रकृति संरक्षण और सतत विकास है।
यह मानव, समाज और ब्रह्मांड के बीच संतुलन स्थापित करता है।


8. IKS और आधुनिक शिक्षा (NEP-2020)

नई शिक्षा नीति 2020 में IKS को मुख्यधारा में लाया गया है।
इसके अंतर्गत पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक, बहुविषयक और वैश्विक संदर्भ में पढ़ाने पर बल दिया गया है।


9. परीक्षा हेतु संक्षिप्त पुनरावृत्ति

IKS – भारत की समग्र ज्ञान परंपरा
मुख्य स्रोत – वेद, उपनिषद, दर्शन
मुख्य विशेषता – अनुभव, नैतिकता, प्रकृति-सामंजस्य
लक्ष्य – मोक्ष और लोककल्याण
आधुनिक संदर्भ – NEP-2020


Topic–2 : Sources of Indian Knowledge Systems



1. IKS के स्रोतों की अवधारणा

Indian Knowledge Systems के स्रोत वे ग्रंथ, परंपराएँ और विधाएँ हैं जिनके माध्यम से भारतीय ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचित और विकसित हुआ। ये स्रोत धार्मिक, दार्शनिक, वैज्ञानिक, सामाजिक और व्यावहारिक सभी क्षेत्रों को समेटते हैं।


2. वेद (Vedas) – मूल स्रोत

वेद भारतीय ज्ञान परंपरा का सबसे प्राचीन और मौलिक स्रोत हैं।
वेदों को श्रुति कहा जाता है, क्योंकि ये मौखिक परंपरा से सुरक्षित रहे।

चार वेद

  1. ऋग्वेद – देवताओं, प्रकृति और ऋत की संकल्पना

  2. यजुर्वेद – यज्ञ, कर्मकांड और विधि

  3. सामवेद – संगीत और गायन

  4. अथर्ववेद – चिकित्सा, समाज, गृहस्थ जीवन


3. ब्राह्मण, आरण्यक और उपनिषद

ब्राह्मण ग्रंथ

यज्ञ और कर्मकांड की व्याख्या करते हैं।

आरण्यक

कर्म से ज्ञान की ओर संक्रमण दर्शाते हैं।

उपनिषद

आत्मा, ब्रह्म, मोक्ष और तत्त्वज्ञान पर केंद्रित हैं।
उपनिषद IKS के दार्शनिक आधार हैं।

परीक्षा वाक्य:
Upanishads represent the philosophical culmination of the Vedas.


4. वेदांग (Six Vedangas)

वेदों को समझने और संरक्षित करने हेतु वेदांग विकसित हुए।

छह वेदांग:

  1. शिक्षा – उच्चारण

  2. कल्प – यज्ञ विधि

  3. व्याकरण – भाषा संरचना

  4. निरुक्त – शब्दार्थ

  5. छन्द – छंदशास्त्र

  6. ज्योतिष – काल निर्धारण


5. उपवेद (Upavedas)

उपवेद वेदों के व्यावहारिक अनुप्रयोग को दर्शाते हैं।

चार उपवेद:

  • आयुर्वेद – चिकित्सा

  • धनुर्वेद – युद्ध कला

  • गान्धर्ववेद – संगीत

  • स्थापत्यवेद – वास्तु एवं स्थापत्य


6. दर्शन और सूत्र साहित्य

IKS के दार्शनिक स्रोत षड्दर्शन हैं:
न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, पूर्वमीमांसा, वेदांत

सूत्र शैली (संक्षिप्त और सूत्रात्मक लेखन) भारतीय ज्ञान की विशेषता है।


7. स्मृति, इतिहास और पुराण

स्मृति

मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति आदि
सामाजिक और विधिक व्यवस्था का आधार

इतिहास

रामायण, महाभारत

पुराण

सांस्कृतिक, धार्मिक और दार्शनिक ज्ञान का प्रसार


8. शास्त्रीय एवं तकनीकी ग्रंथ

IKS के स्रोत केवल धार्मिक नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिक भी हैं:

  • आयुर्वेद – चरक, सुश्रुत

  • गणित – आर्यभट्ट, भास्कर

  • खगोल – वराहमिहिर

  • नाट्य – भरतमुनि

  • अर्थशास्त्र – कौटिल्य


9. मौखिक और लोक परंपराएँ

IKS का बड़ा भाग लोक परंपराओं से संरक्षित रहा:

  • गुरु-शिष्य परंपरा

  • लोककला, लोकचिकित्सा

  • कृषि ज्ञान


10. परीक्षा हेतु त्वरित पुनरावृत्ति

IKS के स्रोत:

  • वेद और उपनिषद

  • वेदांग और उपवेद

  • दर्शन और सूत्र साहित्य

  • स्मृति, इतिहास, पुराण

  • वैज्ञानिक और तकनीकी ग्रंथ

  • मौखिक और लोक परंपराएँ


UGC NET – IKS (Code 103)

Paper–II : Complete Topic-wise Syllabus


UNIT–1 : Introduction to Indian Knowledge Systems

  • IKS की परिभाषा और अवधारणा

  • IKS की विशेषताएँ: समग्रता, अनुभव, नैतिकता

  • भारतीय एवं पाश्चात्य ज्ञान परंपरा का तुलनात्मक अध्ययन

  • IKS का उद्देश्य और महत्व

  • IKS और सतत विकास (Sustainability)


UNIT–2 : Sources of Indian Knowledge Systems

  • वेद: ऋग, यजुर्वेद, साम, अथर्व

  • ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद

  • वेदांग (6) और उपवेद (4)

  • श्रुति और स्मृति का अंतर

  • इतिहास और पुराण

  • सूत्र साहित्य और शास्त्रीय ग्रंथ


UNIT–3 : Philosophical Foundations of IKS

  • षड्दर्शन: न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, पूर्वमीमांसा, वेदांत

  • आत्मा, ब्रह्म, कर्म, मोक्ष की अवधारणा

  • परा एवं अपरा विद्या

  • अद्वैत, द्वैत, विशिष्टाद्वैत

  • भारतीय तर्क परंपरा


UNIT–4 : Indian Knowledge Traditions in Sciences

  • गणित: शून्य, दशमलव, बीजगणित

  • खगोलशास्त्र: आर्यभट्ट, वराहमिहिर, भास्कराचार्य

  • भौतिक विज्ञान और रसायन ज्ञान

  • धातु विज्ञान और प्राचीन तकनीक

  • पर्यावरणीय ज्ञान


UNIT–5 : Ayurveda and Health Sciences

  • आयुर्वेद का दर्शन

  • त्रिदोष सिद्धांत

  • पंचमहाभूत सिद्धांत

  • चरक संहिता, सुश्रुत संहिता

  • योग और आयुर्वेद का संबंध

  • भारतीय चिकित्सा परंपरा


UNIT–6 : Yoga, Meditation and Spiritual Practices

  • योग की परिभाषा और उद्देश्य

  • पतंजलि का योगसूत्र

  • अष्टांग योग

  • ध्यान और समाधि

  • योग और मानसिक स्वास्थ्य


UNIT–7 : Education System in Indian Tradition

  • गुरुकुल शिक्षा प्रणाली

  • गुरु–शिष्य परंपरा

  • तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला

  • शिक्षा के उद्देश्य

  • मूल्य आधारित शिक्षा


UNIT–8 : Arts, Aesthetics and Culture

  • नाट्यशास्त्र – भरतमुनि

  • रस सिद्धांत (9 रस)

  • संगीत और गान्धर्ववेद

  • वास्तुशास्त्र और स्थापत्य

  • चित्रकला और मूर्तिकला


UNIT–9 : Society, Polity and Economics

  • वर्ण और आश्रम व्यवस्था

  • धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष

  • कौटिल्य का अर्थशास्त्र

  • सप्तांग सिद्धांत

  • सामाजिक और राजनीतिक चिंतन


UNIT–10 : Language, Grammar and Linguistics

  • संस्कृत भाषा की विशेषताएँ

  • पाणिनि का व्याकरण

  • शब्द, ध्वनि और अर्थ

  • भाषा और ज्ञान का संबंध

  • भारतीय भाषायी परंपरा


UNIT–11 : Ecology, Agriculture and Environment

  • भारतीय पर्यावरण दृष्टि

  • कृषि ज्ञान परंपरा

  • जल प्रबंधन

  • वन और प्रकृति संरक्षण

  • मानव–प्रकृति संतुलन


UNIT–12 : IKS in Modern Context

  • IKS और NEP–2020

  • IKS और आधुनिक विज्ञान

  • IKS का वैश्विक महत्व

  • परंपरा और नवाचार

  • समकालीन भारत में IKS



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