Saturday, August 26, 2023

मुद्राराक्षस#संस्कृतकाउदय

मुद्राराक्षस– विशाखदत्त-कृत यह नाटक यद्यपि कल्पना का आश्रय लेता हुआ अपनी साहित्यिकता की पूर्णता को प्राप्त करता है, पर चन्द्रगुप्त मौर्य, उसके मंत्री चाणक्य तथा कुछ तत्कालीन राजाओं का उल्लेख करके यह इतिहास को सुलझाने में बहुत कुछ योग देता है। संस्कृत साहित्य का यह प्रथम जासूसी  नाटक है।

#मुद्राराक्षस
#संस्कृतकाउदय

No comments:

Post a Comment

ये परीक्षा नही है, धैर्य और आत्मविश्वास का सूचक है

ये परीक्षा नही है, धैर्य और आत्मविश्वास का सूचक है  ॐ विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्। पात्र त्वात् धन माप्नोति धनात् धर्मं ततः सु...