संस्कृत क्यों कई स्कूलों में ज्यादा चुनी जाती है:
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संस्कृत का व्याकरण बहुत नियमबद्ध होता है
इसमें शब्द बनाने के नियम तय होते हैं, इसलिए समझ आने पर पढ़ना आसान हो जाता है। -
स्कूलों में विकल्प सीमित होते हैं
कई स्कूलों में सिर्फ Hindi, English और Sanskrit ही उपलब्ध होते हैं, इसलिए छात्र संस्कृत चुन लेते हैं। -
अच्छे अंक आने की संभावना
संस्कृत में प्रश्न अक्सर निश्चित पैटर्न पर आते हैं, इसलिए अभ्यास से अच्छे marks आ सकते हैं। -
संस्कृति और नैतिक शिक्षा
इसमें गीता, श्लोक और भारतीय संस्कृति की जानकारी मिलती है, इसलिए स्कूल इसे पढ़ाते हैं। -
शिक्षक उपलब्धता
कुछ जगह संस्कृत के शिक्षक आसानी से मिल जाते हैं, जबकि अन्य भाषाओं के नहीं। -
NEP 2020 का समर्थन
National Education Policy 2020 में संस्कृत को एक विकल्प के रूप में बढ़ावा दिया गया है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।
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